शिक्षा विभाग में घूसखोरी! 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया अधिकारी.
An education department officer was caught red-handed by EOW in Katni while accepting a ₹10,000 bribe for school approval. Read the full story.
EOW team in action: Education officer caught taking a bribe for school approval in Katni.
Bribery in the Education Department! Officer caught taking a ₹10,000 bribe.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
कटनी। जिले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बड़वारा विकासखंड के बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) मनोज गुप्ता को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।
स्कूल मान्यता के लिए मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीआरसी मनोज गुप्ता ने आवेदक राघवेंद्र सिंह से प्राथमिक विद्यालय की मान्यता दिलाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। राघवेंद्र सिंह ने कक्षा 5वीं तक के स्कूल की मान्यता के लिए आवेदन किया था, जिसके सत्यापन और स्वीकृति के बदले पैसे मांगे गए।
EOW को दी गई थी शिकायत
राघवेंद्र सिंह ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद 13 सदस्यीय टीम गठित की गई। इस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए 20 फरवरी 2025 को आरोपी बीआरसी मनोज गुप्ता को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
शिकायत की पूरी कहानी
आवेदक राघवेंद्र सिंह, पिता स्व. कुशल सिंह, निवासी रोहनिया, थाना बड़वारा, जिला कटनी, ने 17 फरवरी 2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वे ‘योग्य निर्माण इंग्लिश मीडियम स्कूल’ शुरू करना चाहते हैं और इसके लिए ऑनलाइन मान्यता आवेदन किया गया था।
14 फरवरी 2025 को संपूर्ण फाइल बीआरसी मनोज गुप्ता को सौंपी गई, लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से रुपयों की मांग की। कई प्रयासों के बाद बात 10 हजार रुपये में तय हुई, जिसके बाद आवेदक ने EOW से संपर्क किया।
लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
EOW की टीम ने बीआरसी मनोज गुप्ता को रिश्वत लेते हुए ट्रैप कर गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ अपराध क्रमांक-23/25 धारा 7 (ए) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया।
EOW की टीम द्वारा ट्रैप कार्रवाई
यह कार्रवाई आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर के उप पुलिस अधीक्षक ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में मुकेश खम्परिया (उपुअ.), स्वर्णजीत सिंह धामी (उपुअ.), प्रेरणा पाण्डेय (निरीक्षक), मोमेन्द्र मर्सकोले (निरीक्षक) सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। इस ऑपरेशन को स्वतंत्र साक्षियों के समक्ष सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।