रिश्वत का खेल: ASI 15 हजार लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार!
Bhind ASI Tulsiram caught taking ₹15,000 bribe; Lokayukta sting operation successful.
Lokayukta nabs ASI red-handed while accepting ₹15,000 bribe in Bhind, Madhya Pradesh
Bribe Game: ASI Caught Red-Handed Taking ₹15,000 by Lokayukta!
Special Correspondent, Bhind, MP Samwad.
भिंड के मालनपुर थाने में पदस्थ एक एएसआई को 15 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों पकड़ा। मारपीट केस से नाम हटाने के बदले में मांगी गई थी रिश्वत। अब आरोपी पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
An ASI posted at Malanpur police station in Bhind was caught red-handed by Lokayukta while accepting ₹15,000 bribe to remove names from an assault case. The trap was laid after a formal complaint. A corruption case has now been registered against the accused officer.
MP संवाद, भिंड जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मालनपुर थाने में पदस्थ एएसआई तुलसीराम कोठारी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह रिश्वत थाना प्रभारी के नाम पर एक मारपीट के मामले में दो आरोपियों के नाम हटाने के एवज में मांगी गई थी। शुरुआती मांग 50 हजार रुपए थी, लेकिन सौदा 15 हजार में तय हुआ था।
दरअसल, मालनपुर थाना क्षेत्र के हरीराम का पुरा गांव निवासी प्रहलाद जाटव और दिनेश जाटव के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद चल रहा था। 13 अप्रैल 2025 को दिनेश जाटव ने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रहलाद पर हमला कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस पर एएसआई तुलसीराम कोठारी फरियादी बनकर दिनेश जाटव समेत 8 लोगों को आरोपी बना दिया, जिसमें दिनेश के पिता और भाई भी शामिल थे।
जांच के दौरान एएसआई ने आरोपियों के नाम हटाने के लिए मालनपुर टीआई प्रदीप सोनी के नाम पर 50 हजार रुपए की मांग की। जब फरियादी ने मना किया तो सौदा 15 हजार में तय हुआ और एएसआई ने उसे धमकाना शुरू कर दिया।
लोकायुक्त की दबिश
फरियादी दिनेश जाटव ने लोकायुक्त ग्वालियर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। बुधवार को डीएसपी विनोद कुशवाह के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम ने मालनपुर थाने में एएसआई के सरकारी आवास पर दबिश दी और उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर ली है और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।