डिजिटल लॉकडाउन: अपने फोन को हैकर्स से कैसे बचाएँ?
Digital security concept for smartphone protection against cyber threats
Lock down your digital life - Essential smartphone security tips to stop hackers
Digital Lockdown: How to Protect Your Phone From Hackers?
Shobhit Chaturvedi, Cyber Expert, Bhopal, MP Samwad.
डिजिटल सुरक्षा चेतावनी! हैकर्स से फोन बचाने के 5 ज़रूरी उपाय जानें। मजबूत पासवर्ड से 2FA तक – MP के शीर्ष साइबर विशेषज्ञ ने बताया ‘डिजिटल लॉकडाउन’ का तरीका। सुरक्षित रहें!
DIGITAL SAFETY ALERT! Learn 5 crucial steps to hack-proof your smartphone in the cyber age. From strong passwords to 2FA – MP’s top cyber expert reveals how to enforce a ‘digital lockdown’ against rising hacker threats. Stay protected!
MP संवाद, भोपाल। डिजिटल युग में साइबर अपराधों ने एक महामारी का रूप ले लिया है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में पिछले एक साल में साइबर धोखाधड़ी के मामले 40% बढ़े हैं। फिशिंग, ऑनलाइन स्कैम, डेटा चोरी और रैंसमवेयर जैसे खतरे आम नागरिकों के लिए नई चुनौतियाँ पेश कर रहे हैं।
क्यों जरूरी है साइबर जागरूकता?
• हर 10 में से 3 भारतीय साइबर अपराध का शिकार
• 65% मामलों में पीड़ितों की लापरवाही जिम्मेदार
• 2023 में साइबर धोखाधड़ी से 200 करोड़ से अधिक का नुकसान
5 गोल्डन रूल्स फॉर साइबर सेफ्टी:
- ? पासवर्ड पॉलिसी: ‘123456’ या ‘password’ जैसे सरल पासवर्ड से तौबा करें। अक्षरों, संख्याओं और विशेष चिह्नों (@,#,$) का मिश्रण ही सुरक्षित है।
- ? लिंक अलर्ट: अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से पहले 10 बार सोचें! बैंकिंग डिटेल्स मांगने वाले फर्जी लिंक्स से सावधान।
- ? 2FA शील्ड: टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को अपनाएं – यह आपके अकाउंट्स के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है।
- ? सोशल मीडिया सेफ्टी: जन्मतिथि, पता या फैमिली डिटेल्स पब्लिकली शेयर न करें। अनजान प्रोफाइल्स से फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकारने में संयम बरतें।
- ? अपडेट का महत्व: नियमित रूप से अपने सॉफ्टवेयर और एप्स को अपडेट करें – यह सुरक्षा पैच के लिए जरूरी है।
विशेषज्ञ की राय:
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है, “आज 80% साइबर अपराध उपयोगकर्ताओं की छोटी-छोटी गलतियों का नतीजा होते हैं। थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचा सकती है। मध्य प्रदेश पुलिस के साइबर सेल द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 को अपने फोन में सेव जरूर रखें।”
क्या करें अगर बन जाएं शिकार?
• तुरंत संबंधित बैंक/सर्विस प्रोवाइडर को सूचित करें
• पुलिस साइबर सेल से संपर्क करें
• घटना की रिपोर्ट cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं