गुना में भड़का तूफान: विधायक vs एसपी… कौन करेगा पलटवार?
Storm Erupts in Guna: MLA vs SP… Who Will Strike Back?
Special Correspondent, Guna, MP Samwad.
A political storm has erupted in Guna as tensions rise between the local MLA and the Superintendent of Police. Accusations, power clashes, and heated statements are making headlines. The public awaits the next move — who will strike back in this growing confrontation?
MP संवाद, गुना, चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रियंका पेंची ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे पत्र में गुना एसपी अंकित सोनी और एसडीओपी पर उन्हें महिला होने के नाते मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। 29 मई को लिखे पत्र में विधायक ने जिले में मनमाने तबादलों को भी चिंता का विषय बताया है।
महीने बीतने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
गौरतलब है कि चाचौड़ा की भाजपा विधायक द्वारा सीएम को पत्र लिखे एक महीना बीत चुका है, लेकिन अभी तक एसपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक ने पत्र में गुना प्रशासन की पारदर्शिता, महिला नेतृत्व के प्रति दृष्टिकोण और पुलिस व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। इस बीच, एसपी ने हाल ही में एक और थाना प्रभारी का तबादला कर दिया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
मनमाने तबादलों से शुरू हुआ विवाद
चाचौड़ा विधायक और गुना एसपी के बीच तनाव की शुरुआत 24 मई को हुए मनमाने तबादलों से हुई। एसपी द्वारा जारी सूची में चाचौड़ा क्षेत्र के तीन पुलिसकर्मियों—टीआई मछलू सिंह मंडेलिया, कुंभराज टीआई नीरज राणा और मृगवास एसआई पंकज कुशवाह—को बिना विधायक से सलाह किए स्थानांतरित कर दिया गया। विधायक ने इसे “जनप्रतिनिधि के अधिकारों का उल्लंघन” बताया है।
24 जुलाई को एसपी अंकित सोनी ने इन तीनों अधिकारियों को नए पदों पर भेज दिया: मंडेलिया को पुलिस लाइन, राणा को बमोरी और कुशवाह को जामनेर थाने ट्रांसफर किया गया।
प्रशासन और सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती
यह मामला अब प्रशासनिक असंतोष से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। भाजपा विधायक द्वारा उठाए गए सवालों ने सत्ता पक्ष और प्रशासनिक तंत्र दोनों को असहज कर दिया है। अब नजर सीएम कार्यालय की ओर है कि वह इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।