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नशा मुक्ति अभियान बनाम अवैध शराब माफिया – कौन जीतेगा ये जंग?

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Illegal liquor trade exposed in Katni! Excise Department seizes illicit liquor worth ₹1.02 lakh and registers seven cases under the MP Excise Act.

Excise Department raid in Katni: Seized illicit liquor and Mahua Lahan worth ₹1.02 lakh.

Excise Department officials conduct a major raid in Katni, seizing illegal liquor and registering multiple cases under the MP Excise Act 1915.

De-addiction Campaign vs. Illegal Liquor Mafia – Who Will Win This Battle?

Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

The illegal liquor trade is booming in Katni despite de-addiction campaigns. Under Collector Dilip Kumar Yadav’s orders, the Excise Department raided multiple villages, seizing 35 liters of illicit liquor and 965 kg of Mahua Lahan worth ₹1.02 lakh. Seven cases were registered under the MP Excise Act 1915.

कटनी। मध्य प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान एक ओर जारी है, वहीं दूसरी ओर गांव-गांव में खुलेआम अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही है। यह विरोधाभास समाज और प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कैसे युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाया जाएगा?

राज्य सरकार और प्रशासन समय-समय पर अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह व्यापार रुकने का नाम ही नहीं ले रहा। इसी क्रम में, कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के निर्देशानुसार, मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने जिले में अवैध शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कई जगहों पर छापेमारी की गई और बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई।

अवैध शराब निर्माण पर कार्रवाई

जिला प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्यवाही के तहत बहोरीबंद के ग्राम रैपुरा हार, ढुडारी हार और करहैया में दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान शराब निर्माण और संग्रहण में लिप्त व्यक्तियों को पकड़कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

अवैध शराब निर्माण पर कार्रवाई

जिला प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्यवाही के तहत बहोरीबंद के ग्राम रैपुरा हार, ढुडारी हार और करहैया में दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान शराब निर्माण और संग्रहण में लिप्त व्यक्तियों को पकड़कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

जांच में क्या हुआ खुलासा?

  • अवैध रूप से बनाई और बेची जा रही 35 लीटर कच्ची शराब बरामद।
  • 3000 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया।
  • ज़ब्त शराब और लाहन की अनुमानित कीमत 1 लाख 2 हजार रुपये आँकी गई।
  • आरोपियों पर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) क एवं च के तहत 7 केस दर्ज।
  • संबंधित इलाके में अवैध शराब के खिलाफ सख्त निगरानी के आदेश जारी।

अवैध शराब पर क्यों नहीं लग रही लगाम?

मध्य प्रदेश सरकार नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह पहल विफल होती दिख रही है। एक ओर सरकार नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है, तो दूसरी ओर अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक इस धंधे में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक इस समस्या से पूरी तरह मुक्ति पाना मुश्किल होगा।

प्रशासन की कार्रवाई कितनी असरदार?

अवैध शराब व्यापार से युवा पीढ़ी नशे की लत का शिकार हो रही है। हालांकि, प्रशासन समय-समय पर कार्यवाही करता है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय प्रशासन को और कठोर कदम उठाने होंगे ताकि यह अवैध धंधा पूरी तरह बंद हो सके।

क्या करना होगा समाधान के लिए?

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशासन को चाहिए कि—
सख्त छापेमारी अभियान चलाकर अवैध शराब निर्माण और बिक्री को रोके।
✔ ग्रामीणों को नशा मुक्ति अभियान से जोड़कर जागरूकता बढ़ाए।
✔ अवैध शराब माफियाओं पर कठोर कानूनी कार्रवाई करे।
✔ पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करें।

निष्कर्ष

कटनी सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में अवैध शराब का कारोबार लगातार फलफूल रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद इस समस्या का पूर्ण समाधान नहीं निकल पाया है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या वाकई सरकार नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बना पाएगी, या फिर अवैध कारोबारियों के खिलाफ सिर्फ दिखावटी कार्रवाई जारी रहेगी?

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