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कटनी: अस्पताल के सामने लगा मेला बना मरीजों के लिए मुसीबत.

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The recent Hospital Fair in Katni was marred by chaotic scenes, highlighting the issues of overcrowding and poor management at the event.

Crowd at Hospital Fair in Katni, Madhya Pradesh, showing chaos and overcrowding during healthcare event.

Overflowing crowd at the Hospital Fair in Katni as the event faces unexpected chaos and challenges in managing large numbers.

Katni: Fair Outside Hospital Turns into Trouble for Patients.

A funfair outside Katni Civil Hospital has turned into a nightmare, blocking emergency services daily. Patients and ambulances are stuck in traffic. The administration and school trust face heat over allowing such disruption. Is entertainment worth risking lives?

कटनी। सिविल अस्पताल जैसे अति संवेदनशील मार्ग पर स्थित अंजुमन स्कूल में लगे मनोरंजक मेले (प्रदर्शनी) के कारण इस क्षेत्र में प्रतिदिन भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कोतवाली तिराहे से लेकर मुड़वारा स्टेशन तक का यह मार्ग अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण है, जहां जिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन और स्टेट बैंक की मुख्य शाखा जैसे जरूरी संस्थान स्थित हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष कुछ पैसों के लालच में अंजुमन स्कूल ट्रस्ट को इस संवेदनशील स्थान पर मेला लगाने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा दे दी जाती है, जो आपातकालीन सेवाओं की अवहेलना है। गंभीर मरीजों को लेकर पहुंचने वाली एम्बुलेंस तक इस ट्रैफिक में फंस रही हैं, जिससे जान जोखिम में पड़ रही है।

⚠️ न सुरक्षा, न व्यवस्था – हादसे को दावत देती प्रदर्शनी

प्रदर्शनी में लगाए गए झूले और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में सुरक्षा मानकों का पूर्णतः अभाव है। पूरे परिसर में न तो कोई मेडिकल इमरजेंसी स्टॉल है और न ही अग्निशमन जैसी आपात व्यवस्थाएं। वहीं खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं – स्टॉलों पर गंदगी और मिलावटी खाद्य पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं।

? प्रदर्शनी के लिए प्रशासनिक सख्ती, आम दुकानदारों पर कार्रवाई

सड़क से हटाए गए गरीब दुकानदारों पर जहां नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की, वहीं उसी मार्ग पर प्रदर्शनी को सुगमता से संचालित करने के लिए बैरिकेड लगाकर ऑटो और कारों की आवाजाही रोक दी गई। आरोप है कि यह विशेष व्यवस्था सिर्फ प्रदर्शनी संचालक को लाभ पहुंचाने के लिए की गई है।

प्रदर्शनी में स्टैंड का ठेका दिया गया है, और यहां तक कि कचहरी क्षेत्र में तैनात ‘100 डायल’ के कर्मचारियों को वाहनों से शुल्क वसूलने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

?️ प्रशासन का पक्ष

नगर निगम कमिश्नर नीलेश दुबे ने कहा,
“एनओसी देना प्रशासन का कार्य है। नगर निगम को पत्र आता है, जिसे हम यथानियम सत्यापित करते हैं। आगे की देखरेख यातायात पुलिस और एसडीएम स्तर पर होती है।”

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