अतिक्रमण हटा या गरीबों को हटा? खंडवा में सवालों के घेरे में कार्रवाई.
Demolition Drive or Poor Eviction? Khandwa Operation Faces Tough Questions.
Special Correspondent, Khandwa, MP Samwad.
Khandwa authorities demolished 101 homes in Indira Awas Basti near Shakkar Talab, leaving families homeless. While 36 houses with court stays were spared, residents allege injustice – claiming they had electricity bills and patta promises. The pre-dawn operation involved 10 JCBs and 300 police personnel, sparking ‘anti-poor’ allegations.
MP संवाद, खंडवा: मोहन यादव सरकार के बुलडोजरों ने गुरुवार सुबह शकर तालाब क्षेत्र में 101 घरों को ढहा दिया। यह कार्रवाई सुबह 6 बजे शुरू हुई, जब लोग अभी सो रहे थे। प्रशासन ने 10 JCB, 4 पोकलेन और 300 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की फौज लगाकर इंदिरा आवास बस्ती को उजाड़ दिया।
क्या हुआ?
- 137 घरों में से 101 को गिराया गया, 36 को हाईकोर्ट के स्टे ने बचाया
- निगम का दावा: “48 घंटे पहले मुनादी कर दी थी”
- पीड़ितों का आरोप: “हमें 20 साल से बिजली कनेक्शन दे रहे थे, अब कहते हैं अतिक्रमण है!”
विरोध की आग:
स्थानीय निवासी जाकिर खान का सवाल:
“निगम ने 2015 में पट्टा देने का वादा किया था। 8 साल से आवेदन दे रहे हैं, आज बुलडोजर क्यों चला?”
प्रशासन का पक्ष:
- IHSDP योजना के तहत मल्टी-स्टोरी फ्लैट ऑफर किए गए थे
- शकर तालाब का 16 एकड़ क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त कराया गया
अब क्या?
100 से ज्यादा परिवारों के सामान सड़क पर पड़े हैं। सवाल यह है कि:
“क्या अतिक्रमण हटाने का मतलब गरीबों को बेघर करना है?”