मृत शिक्षक का तबादला, निलंबित को बिना बहाल किए ट्रांसफर! शिक्षा विभाग के ट्रांसफर का खेल.
Special Correspondent, Khargone, MP Samwad.
Shocking negligence in MP’s education department as transfer orders issued for deceased teacher Poonam Singh Rawat and suspended teacher Dinesh Patel without reinstatement. Officials refuse to explain how dead personnel were included in transfer lists, exposing grave systemic failures in bureaucratic processes.
MP संवाद, खरगोन। जनजाति कार्य विभाग ने एक अद्भुत लापरवाही का मामला पेश किया है, जहाँ मृत हो चुके शिक्षक और निलंबित शिक्षक के तबादले के आदेश जारी कर दिए गए। यह घटना सरकारी मशीनरी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
क्या हुआ?
- मृत शिक्षक का ट्रांसफर: जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय ने पूनम सिंह रावत (जिनकी 11 फरवरी 2025 को मृत्यु हो चुकी थी) का झिरन्या ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल में तबादला कर दिया।
- निलंबित शिक्षक को बिना बहाल किए ट्रांसफर: दिनेश पटेल, जो निलंबन की स्थिति में हैं, को बड़वाह ब्लॉक में भेज दिया गया।
अधिकारियों की चुप्पी
- सहायक आयुक्त कार्यालय का कोई भी अधिकारी इस मामले पर कैमरे के सामने बयान देने को तैयार नहीं है।
- शिक्षा विभाग के कर्मचारी “भोपाल स्तर का आदेश” कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
तबादला नीति पर सवाल
यह मामला सरकारी तबादला नीति की पोल खोल रहा है। सवाल उठ रहे हैं:
- क्या अधिकारियों को अपने ही विभाग के कर्मचारियों की स्थिति की जानकारी नहीं होती?
- ऐसे आदेशों पर किसकी मुहर लगती है?
- क्या यह सिस्टम की विफलता है या जानबूझकर की गई लापरवाही?
“मृत व्यक्ति का तबादला और निलंबित शिक्षक को बिना बहाल किए ट्रांसफर करना सरकारी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।”
— स्थानीय शिक्षक संघ के प्रवक्ता