नरवाई नहीं, लापरवाही जल रही है! कटनी में आगजनी की बारिश.
Katni engulfed in flames due to alleged arson, with authorities citing negligence—not farm fires—as the cause.
Fire outbreak in Katni: Negligence, not stubble burning, blamed for arson.
It’s not stubble burning, it’s negligence that’s burning! A downpour of arson in Katni.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
कटनी में रोज धधकती आग! 24 घंटे में 9 आगजनी मामले, प्रशासन नाकाम। फायर ब्रिगेड हारी, खेत अंगारे बने। कब थमेगी यह लापरवाही?
KATNI BURNS DAILY! 9 arson cases in 24 hours expose admin failure. Fire Brigade overwhelmed as farms turn infernos. When will accountability douse these flames?
MP संवाद, कटनी। गर्मी के इस मौसम में जिले में आगजनी की घटनाओं ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। कलेक्टर के सख्त आदेश और कई मामले दर्ज होने के बावजूद लोग नरवाई में आग लगाकर छोड़ देते हैं, जिससे भीषण आग फैल जाती है। मंगलवार को तो जिले के कई इलाकों में एक साथ आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिन पर फायर ब्रिगेड ने काबू पाया।
कहां-कहां लगी आग?
- बहोरीबंद: एक किसान के खेत में सुबह 10:30 बजे आग लगी
- केलवारा (गंगोटी खेत): 11:30 बजे भड़की आग
- पाठक वार्ड: गैस सिलेंडर से हुआ हादसा
- भनपुरा (कौड़िया खेत): दोपहर 1:30 बजे लगी आग
- देवरा खुर्द (विजयराघवगढ़): खेतों में लगी आग
- रीठी (तेघरा): कृषि भूमि को नुकसान
- झुकेही रोड (पठरा): आगजनी का मामला
- स्लीमनाबाद (धरवारा खेत): आग पर काबू पाया
- बिछुआ (खेरवा खेत): फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
फायर ब्रिगेड का बयान
फायर ब्रिगेड अधिकारी शैलेंद्र चौबे ने बताया, “हम हर घटना पर तुरंत कार्रवाई करते हैं। अगर तहसील क्षेत्र में गाड़ी उपलब्ध हो तो नुकसान कम किया जा सकता है।”
सवाल यह है:
क्या प्रशासन इस आगजनी रोकने में नाकाम रहा है? क्यों नहीं रुक रही ये घटनाएं? जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक आग की यह लपटें थमने वाली नहीं हैं!