रतलाम पुलिस को बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग, अब फर्स्ट रिस्पॉन्डर होंगे और भी सक्षम.
रतलाम पुलिस को BLS और CPR का प्रशिक्षण, अब किसी भी आपातकालीन स्थिति में तेज़ी से प्रतिक्रिया देकर जान बचाने में होंगे सक्षम।
रतलाम पुलिस के जवानों को CPR और BLS का प्रशिक्षण देते विशेषज्ञ डॉक्टर
Ratlam Police Receives Basic Life Support Training, Now First Responders Will Be Even More Capable.
रतलाम – रतलाम जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में घायलों को तुरंत राहत देने के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) का प्रशिक्षण दिया गया।
यह कार्यशाला रतलाम पुलिस लाइन में आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पुलिसकर्मियों को CPR के महत्व को समझाने के साथ-साथ इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
हर जीवन अमूल्य है
कार्यशाला के दौरान डॉक्टरों ने सीपीआर (CPR) की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति की जान उसके परिवार के लिए अमूल्य होती है, और किसी भी आपातकालीन स्थिति में CPR देकर बहुमूल्य जीवन बचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी, विशेष रूप से FRV डायल 100, चिता पार्टी, यातायात पुलिस जैसी इकाइयों के जवान, आमतौर पर किसी भी आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले पहुंचते हैं। इसलिए इन्हें BLS (Basic Life Support) प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है।
BLS प्रशिक्षकों ने दी विस्तृत जानकारी
पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देने के लिए BLS प्रशिक्षक डॉ. गौरव यादव ने बताया कि CPR एक जीवन रक्षक तकनीक है, जिसका उपयोग आपातकालीन परिस्थितियों में किया जाता है। जब किसी व्यक्ति का अचानक दिल धड़कना बंद कर दे या सांस लेना बंद हो जाए, तो CPR के माध्यम से उसे बचाया जा सकता है।
डॉ. यादव ने बताया कि हार्ट अटैक (Heart Attack) या कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) की स्थिति में यदि तुरंत CPR दिया जाए, तो पीड़ित की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को कृत्रिम बॉडी (Dummy Body) पर CPR देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।