शिक्षा से जीवन तक: डिंडौरी के बच्चों की ‘मेरी सीख कॉपी’ बनी मिसाल.
Gulshan Bamra praises children’s creativity during Saksham Program review in Dindori, highlighting innovative education techniques.
Principal Secretary Gulshan Bamra encourages children's creativity during Saksham Program visit in Dindori, Madhya Pradesh.
From Education to Life: Dindori Children’s ‘My Learning Diary’ Becomes an Example.
Special Correspondent, Dindori, MP Samwad.
प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने डिंडौरी में सक्षम कार्यक्रम के दौरान बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने जीवन कौशल शिक्षा को बच्चों के व्यक्तित्व विकास और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। नवाचारी शिक्षण तकनीकों से बच्चों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास हो रहा है।
Principal Secretary Gulshan Bamra appreciated children’s creative skills during the Saksham Program review in Dindori. He emphasized the importance of life skills education in shaping children’s personalities and future success. Innovative teaching methods under the program are boosting confidence and creativity among tribal students.
डिंडौरी (MP संवाद)। जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा ने आज ग्राम सिमरधा, डिंडौरी में सक्षम कार्यक्रम के तहत संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के बच्चों द्वारा तैयार “मेरी सीख कॉपी” को देखा और उनके प्रयासों की सराहना की।
इस कार्यक्रम में 21वीं सदी के जीवन कौशल (Life Skills) पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने बच्चों द्वारा सीखे गए कौशल, दैनिक जीवन में उनके अनुप्रयोग, चित्रकला और उनके सपनों को देखकर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि “जीवन कौशल शिक्षा बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और उनके भविष्य को नई दिशा देती है।”
इस अवसर पर जिला कलेक्टर, एसडीएम डिंडौरी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (समनापुर व शहपुरा), BRC समनापुर, सक्षम जिला प्रबंधक महारन प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रबंधक नीरज तिवारी और प्रवीण उपाध्याय भी मौजूद रहे।
सक्षम कार्यक्रम के तहत डिंडौरी जिले में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारी शिक्षण तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास हो रहा है।
