विदिशा में धांधली का नया फार्मूला: मसूर = मिट्टी + कचरा!
Ground report: How 6,000 lentil sacks turned out to be soil in Vidisha’s shocking procurement fraud
VIDISHA SCAM EXPOSED: Authorities inspect sacks filled with soil instead of lentils at ShriNath Warehouse
Vidisha Scam Exposed: Lentils Turn Out to Be Dirt and Waste!
विदिशा में झटका देने वाला घोटाला! सरकारी खरीद में 6,000 बोरियों में मिट्टी-कचरा भरा मिला। गोदाम सील, अधिकारी जांच के घेरे में। 3,000 क्विंटल नकली दलहन कैसे पास हुई? जांच जारी।
SHOCKING SCAM IN VIDISHA! 6,000 lentil sacks filled with SOIL & WASTE exposed in govt procurement. Warehouse sealed, officials under scanner. How did 3,000 quintals of fake pulses pass quality checks? Investigation ongoing.
MP संवाद, सिरोंज (विदिशा)। विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में सरकारी दलहन खरीद केंद्रों पर बड़ा घोटाला सामने आया है। शुक्रवार (16 मई) को सिरोंज एसडीएम हर्षल चौधरी को सियलपुर सहकारी समिति द्वारा संचालित श्रीनाथ वेयरहाउस में गड़बड़ी की सूचना मिली, जहाँ चना और मसूर की खरीदी की जा रही थी। जाँच में खुलासा हुआ कि 3,000 क्विंटल मसूर में मिट्टी और कचरा मिलाकर सरकारी खरीद में धांधली की गई थी।
जाँच में क्या निकला?
- 8 स्टैक में से 2 स्टैक पूरी तरह घटिया गुणवत्ता के पाए गए।
- 6,000 बोरियों में भरी मसूर अमानक स्तर की थीं।
- सर्वेयर, समिति प्रबंधक, ठेकेदार और अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
- वेयरहाउस को सील कर दिया गया।
- 6,000 अमानक बोरियों को दोबारा अपग्रेड करने का आदेश दिया गया, जिसका खर्च सियलपुर सोसायटी को उठाना होगा।
- एडीएम अनिल डामोर ने कहा कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बड़े सवाल
- नैफेड, मार्कफेड और कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत पर भी सवाल उठ रहे हैं।
- कैसे हुई इतने बड़े पैमाने पर धांधली? किन स्तरों पर गठजोड़ था?
प्रशासन की जाँच जारी है, लेकिन यह मामला सरकारी खरीद प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक और काली छवि पेश करता है।